July 23, 2026

प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों में तेजी, 45 दिन में आधारभूत सुविधाएं पूरी करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत संचालित परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने की दिशा में आवास विभाग ने अपनी निगरानी और सख्त कर दी है। इसी क्रम में सचिव आवास/आयुक्त आवास विकास परिषद डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के एएचपी घटक के अंतर्गत विभिन्न आवासीय परियोजनाओं में किए जा रहे बाह्य विकास कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। बैठक में विद्युत आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था तथा सड़क निर्माण से जुड़े कार्यों की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।

बैठक में संयुक्त मुख्य प्रशासक दिनेश प्रताप सिंह, उप सचिव आवास रजनीश जैन, अधिशासी अभियंता विनोद कुमार चौहान, सहायक अभियंता आकांक्षा चौहान, आवास विशेषज्ञ रोहित रंजन (पीएमयू) तथा आवास अनुभाग से रंजीत रावत सहित विभिन्न विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने परियोजनावार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसके आधार पर सचिव आवास ने लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

लाभार्थियों को जल्द मिलेगी मूलभूत सुविधाओं से युक्त आवासीय व्यवस्था
समीक्षा बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि लाभार्थियों को सभी आवश्यक नागरिक सुविधाओं से युक्त बेहतर जीवन उपलब्ध कराना इसका प्रमुख उद्देश्य है। इसी दृष्टिकोण से परियोजनाओं में विद्युत कनेक्शन, जलापूर्ति नेटवर्क और सड़क संपर्क जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि आवासों का निर्माण पूर्ण होने के बाद भी यदि बाह्य विकास कार्य लंबित रहते हैं तो लाभार्थियों को योजना का पूर्ण लाभ नहीं मिल पाता है। इसलिए सभी एजेंसियां समन्वित रूप से कार्य करते हुए शेष कार्यों को तेजी से पूरा करें।

30 से 45 दिन में कार्य पूर्ण करने के लिए तैयार होगी विस्तृत कार्ययोजना
बैठक में विस्तृत चर्चा के उपरांत सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवंटित विद्युत, जलापूर्ति और सड़क निर्माण के सभी लंबित कार्य आगामी 30 से 45 दिनों के भीतर पूर्ण करना सुनिश्चित करें। इसके लिए प्रत्येक एजेंसी को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें प्रत्येक गतिविधि की समयसीमा, जिम्मेदार अधिकारी तथा कार्य पूर्ण होने की संभावित तिथि का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा। सचिव आवास ने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल निर्माण कार्यों की प्रगति से नहीं, बल्कि लाभार्थियों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराने से तय होती है। इसलिए सभी विभाग निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करें और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न होने दें।

विभागों के बीच बेहतर समन्वय से दूर होंगी बाधाएं
बैठक के दौरान यह भी निर्देश दिए गए कि कार्यों के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं का समय रहते समाधान किया जाए। इसके लिए संबंधित विभागों, स्थानीय निकायों और कार्यदायी संस्थाओं के बीच नियमित समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे परियोजनाओं से जुड़े सभी हितधारकों के साथ निरंतर संवाद स्थापित करें तथा भूमि, तकनीकी स्वीकृति, संसाधन उपलब्धता अथवा अन्य प्रशासनिक समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। सचिव आवास ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।

नियमित मॉनिटरिंग से सुनिश्चित होगी समयबद्ध पूर्णता
समीक्षा बैठक में परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग पर भी विशेष जोर दिया गया। सचिव आवास ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना की प्रगति की सघन निगरानी की जाए और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत सभी परियोजनाओं को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध ढंग से पूर्ण करना सभी संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान
प्रधानमंत्री आवास योजना केंद्र और राज्य सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है। हमारा प्रयास है कि लाभार्थियों को केवल आवास ही नहीं, बल्कि सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं से युक्त बेहतर जीवन वातावरण उपलब्ध कराया जाए। समीक्षा बैठक में सभी कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि विद्युत, जलापूर्ति और सड़क निर्माण से जुड़े शेष कार्य 30 से 45 दिनों के भीतर पूर्ण किए जाएं। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से योजना के लंबित कार्य शीघ्र पूरे होंगे और लाभार्थियों को समय पर सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

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